हमें अपनी भाषा और संस्कृति के प्रति गर्व होना चाहिए: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

हमें अपनी भाषा और संस्कृति के प्रति गर्व होना चाहिए: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

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  • ‘संवादी दिल्ली उत्सव- अभिव्यक्ति का’ में दिल्ली के विजन को स्पष्ट किया सीएम ने
  • मातृभाषा व संस्कृति को आगे बढ़ाना संस्थाओं की ही नहीं, हर भारतीय की जिम्मेदारी: सीएम रेखा गुप्ता

नई दिल्ली, 11 सितंबर (हि.ला.)। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि हमें अपनी भाषा और संस्कृति के प्रति गर्व होना चाहिए और किसी भी स्थिति में उसे हीन भाव से नहीं देखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हमें अतीत की गुलामी और अंग्रेज़ी शासन की बेड़ियों से मुक्त होकर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक और भाषाई विरासत को अपनाना होगा। मुख्यमंत्री ने यह विचार आज दिल्ली विश्वविद्यालय में आयोजित ‘संवादी दिल्ली उत्सव- अभिव्यक्ति का’ कार्यक्रम में व्यक्त किए। मुख्यमंत्री का यह भी कहना था कि हिंदी का संरक्षण और संवर्धन हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इसके महत्व को अनुभव कर सकें।

मिरांडा हाउस कॉलेज में आयोजित एक मीडिया संस्थान के इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी के विकास, विज़न और भाषा-संस्कृति पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने आगे कहा कि हिंदी मिट्टी की भाषा है, मन की भाषा है। अपनी मातृभाषा में भाव व्यक्त करने का आनंद किसी और भाषा में संभव नहीं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन देश को भाषा और संस्कृति से जोड़ने के माध्यम हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गुलामी की निशानियों को मिटाने और नई पहचान स्थापित करने के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें अपनी भाषा और संस्कृति के प्रति गर्व होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने स्मरण किया कि जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने संयुक्त राष्ट्र में हिंदी में भाषण दिया था, तब पूरे विश्व ने उनकी प्रशंसा की थी। आज भी हिंदी विश्वभर में स्वीकार्यता और सम्मान प्राप्त कर रही है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड समुदाय की पहल का उल्लेख किया, जिसमें बच्चों को गढ़वाली और कुमाऊंनी जैसी क्षेत्रीय भाषाएं सिखाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने इसे मातृभाषा और संस्कृति से जुड़े रहने का प्रेरणादायी उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृभाषा और संस्कृति को संजोना और आगे बढ़ाना हर भारतीय की जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति योगेश सिंह, कॉलेज प्रिंसिपल प्रोफेसर विजयलक्ष्मी नंदा, मीडिया संस्थान के प्रतिनिधि सहित अनेक प्राध्यापक, शोधार्थी व विद्यार्थी उपस्थित थे।

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