
नई दिल्ली, 10 अप्रैल (हि.ला.)। कमोडिटी बाजार में आज बड़ी हलचल देखने को मिली, जहां मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया(MCX) पर प्रॉफिट बुकिंग के चलते सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। सोने की कीमत में करीब ₹1000 प्रति 10 ग्राम तक की गिरावट देखी गई, वहीं चांदी की चमक भी फीकी पड़ गई और उसमें भी उल्लेखनीय कमजोरी आई।
विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ समय से सोना और चांदी लगातार ऊंचाई पर कारोबार कर रहे थे। निवेशकों को अच्छा मुनाफा मिल रहा था, जिसके चलते उन्होंने मुनाफा वसूली (प्रॉफिट बुकिंग) शुरू कर दी। यही वजह है कि बाजार में अचानक बिकवाली बढ़ गई और कीमतों में गिरावट आ गई।
सोना, जिसे आमतौर पर सुरक्षित निवेश माना जाता है, वैश्विक अनिश्चितताओं के दौरान मजबूत होता है। लेकिन जैसे ही बाजार में स्थिरता के संकेत मिलते हैं, निवेशक जोखिम वाले एसेट्स की ओर रुख करने लगते हैं। हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा इक्विटी बाजार की ओर बढ़ा है।
चांदी की बात करें तो यह न केवल कीमती धातु है, बल्कि औद्योगिक उपयोग में भी बड़ी भूमिका निभाती है। ऐसे में इसकी कीमतें केवल निवेशकों की भावना से ही नहीं, बल्कि औद्योगिक मांग से भी प्रभावित होती हैं। मौजूदा गिरावट में दोनों कारकों का असर देखा जा रहा है।
वैश्विक बाजारों में डॉलर की मजबूती भी सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बना रही है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य मुद्राओं में सोना-चांदी महंगे हो जाते हैं, जिससे मांग में कमी आती है और कीमतें गिरती हैं।
इसके अलावा, ब्याज दरों को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। यदि प्रमुख केंद्रीय बैंक दरों को ऊंचा बनाए रखते हैं, तो सोने जैसे गैर-ब्याज देने वाले निवेश विकल्प कम आकर्षक हो जाते हैं। यही कारण है कि निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है और लंबे समय में सोना और चांदी फिर से मजबूती दिखा सकते हैं। खासतौर पर यदि वैश्विक स्तर पर कोई नई अनिश्चितता पैदा होती है, तो इन धातुओं की मांग फिर से बढ़ सकती है।
हालांकि, निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए सोच-समझकर निवेश करें। अचानक आई गिरावट में घबराने की बजाय दीर्घकालिक रणनीति अपनाना अधिक फायदेमंद हो सकता है।
कुल मिलाकर, MCX पर प्रॉफिट बुकिंग के कारण सोने और चांदी की कीमतों में आई यह गिरावट बाजार की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा मानी जा रही है। आने वाले दिनों में वैश्विक संकेतों और निवेशकों के रुख पर ही बाजार की दिशा निर्भर करेगी।