जनकपुरी हादसे पर आरोपी राजेश कुमार की जमानत खारिज, कोर्ट ने गंभीर आरोपों पर जताई चिंता

जनकपुरी हादसे पर आरोपी राजेश कुमार की जमानत खारिज, कोर्ट ने गंभीर आरोपों पर जताई चिंता

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नई दिल्ली, 11 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली के जनकपुरी पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के मामले में कोर्ट ने आरोपी राजेश कुमार (पुत्र प्रताप सिंह) की रेगुलर जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह मामला 6 फरवरी 2026 की रात दिल्ली जल बोर्ड (डीजीबी) द्वारा खुदवाए गए 15-20 फुट गहरे खुले गड्ढे में 25 वर्षीय बाइक सवार कमल ध्यानी की मौत से जुड़ा है।

कमल ध्यानी की मौत दम घुटने से हुई, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर जलने के निशान और छाती पर भारी वजन का दबाव पाया गया। कोर्ट के आदेश में कहा गया है कि आरोप गंभीर हैं, जिसमें सुरक्षा उपायों की कमी और लापरवाही से एक युवक की जान गई। जांच अभी शुरुआती चरण में है, कई गवाहों से पूछताछ बाकी है, और डॉक्यूमेंट्स (खुदाई की परमिशन, सुरक्षा नियमों का पालन, बैरिकेडिंग, कॉन्ट्रैक्ट शर्तें) की जांच चल रही है।

कोर्ट ने माना कि आरोपी को रिहा करने पर गवाहों को प्रभावित करने, सबूतों से छेड़छाड़ या फरार होने का खतरा है। हालांकि आरोपी का कोई पिछला क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है और वह स्थानीय निवासी है, लेकिन अपराध की गंभीरता और समाज के हित को देखते हुए इस स्टेज पर जमानत उचित नहीं। कोर्ट ने कहा कि सरकारी कामों में लापरवाही से मौत के मामलों में व्यक्तिगत स्वतंत्रता और निष्पक्ष जांच के बीच संतुलन बनाना पड़ता है।

आरोपी के वकीलों ने मुख्य तर्क दिया कि गिरफ्तारी गैरकानूनी थी। उन्हें 6 फरवरी को हिरासत में लिया गया लेकिन 8 फरवरी को ही कोर्ट में पेश किया गया, जो सीआरपीसी (अब बीएनएसएस) और संविधान के अनुच्छेद 22(2) (24 घंटे में पेशी जरूरी) का उल्लंघन है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया। कोर्ट ने इस पर फैसला स्थगित रखा और पीएस जनकपुरी के एसएचओ/आईओ को 6-8 फरवरी के सीसीटीवी फुटेज के साथ डिटेल्ड जवाब फाइल करने का निर्देश दिया। अगली सुनवाई 16 फरवरी 2026 को दोपहर 2 बजे होगी, जहां गैरकानूनी हिरासत का मुद्दा तय होगा।

बता दें कि 5 फरवरी को डीजेबी ने जनकपुरी में सीवर/पानी लाइन के लिए गड्ढा खोदा, लेकिन बैरिकेडिंग या साइनेज नहीं लगाया। रात में कमल ध्यानी बाइक से गुजरते हुए गिर गए। सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश कुमार (47) घटनास्थल पर पहुंचे, कमल और बाइक को देखा लेकिन पुलिस/राहत को सूचित नहीं किया। अगले दिन सुबह एक राहगीर ने शव और बाइक देखकर सूचना दी। पुलिस ने 7 फरवरी को राजेश को गिरफ्तार किया।

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