आईएफटीएम टॉप रेसा 2025: कन्नौज के इत्र से महका पेरिस, इको टूरिज्म से मंत्रमुग्ध हुए दर्शक

आईएफटीएम टॉप रेसा 2025: कन्नौज के इत्र से महका पेरिस, इको टूरिज्म से मंत्रमुग्ध हुए दर्शक

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लखनऊ, 26 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने पेरिस में आयोजित बीटूबी व्यापार मेला आईएफटीएम टॉप रेसा 2025 में राज्य की संस्कृति और पर्यटन को प्रदर्शित किया। पेरिस एक्सपो पोर्टे डे वर्सेलीज में लगे उत्तर प्रदेश के स्टॉल को वहां मौजूद दर्शकों ने बेहद जीवंत और आकर्षक बताया। पवेलियन का औपचारिक उद्घाटन भारतीय दूतावास के आर्थिक और वाणिज्यिक काउंसलर नवीन कुमार ने किया।

23 से 25 सितंबर तक हुए इस आयोजन के दौरान कई अंतरराष्ट्रीय गणमान्य व्यक्ति, ट्रैवल ट्रेड लीडर और पर्यटन विशेषज्ञ स्टॉल पर पहुंचे। उन्होंने

उत्तर प्रदेश के साथ साझेदारी और सहयोग के नए अवसरों में गहरी रुचि दिखाई। इस बार कानपुर के परफ्यूम बनाने की प्राकृतिक विधि के साथ यूपी के इको टूरिज्म ने सबका ध्यान खींचा।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश पवेलियन में कन्नौज का परफ्यूम टूरिज्म सबसे बड़ा आकर्षण रहा। अंतरराष्ट्रीय आगंतुकों ने इस पारंपरिक कला को बड़े उत्साह के साथ देखा और सराहा। प्राकृतिक खुशबू बनाने की सदियों पुरानी ‘डेग-भपका’ तकनीक के लाइव प्रदर्शन ने दर्शकों को पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर दिया। फूलों और जड़ी-बूटियों से तैयार की जाने वाली इस पारंपरिक विधि ने कानपुर को भारत की परफ्यूम राजधानी के रूप में विश्व मानचित्र पर स्थापित किया।

इस प्रस्तुति ने पर्यटकों को एक अनोखा और यादगार अनुभव दिया, जिससे कानपुर को वैश्विक यात्रियों के लिए एक विशेष और आकर्षक गंतव्य के रूप में पेश किया गया। पेरिस में उत्तर प्रदेश पवेलियन में इको टूरिज्म और विरासत को विशेष रूप से उजागर किया गया। पवेलियन में ताजमहल, लखनऊ की नवाबी धरोहर और बुंदेलखंड के किले भारत की भव्यता के स्थायी प्रतीक के रूप में प्रदर्शित किए गए। साथ ही अयोध्या, मथुरा-वृंदावन, प्रयागराज, वाराणसी और बौद्ध सर्किट जैसे आध्यात्मिक मार्गों ने उत्तर प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक गहराई को दर्शाया।

पवेलियन में कथक, कजरी और देधिया जैसे सांस्कृतिक नृत्यों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके साथ ही प्रमुख अंतरराष्ट्रीय ट्रैवल ऑपरेटर और होटल व्यवसायियों के साथ बी2बी बैठकें भी आयोजित की गईं, जिससे विरासत, तीर्थयात्रा, इको टूरिज्म और लग्जरी ट्रैवल क्षेत्रों में भविष्य के सहयोग और व्यावसायिक अवसरों के रास्ते खुले।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि आईएफटीएम टॉप रेसा 2025 में उत्तर प्रदेश की भागीदारी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि हमारा राज्य सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और अनुभव आधारित पर्यटन के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी है। पेरिस में हमारे पवेलियन को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों और पर्यटन विशेषज्ञों से अपार सराहना मिली।

कानपुर के परफ्यूम टूरिज्म, ताजमहल, बौद्ध सर्किट और हमारी जीवंत परंपराएं जैसे देव दीपावली, ताज महोत्सव और आगामी अयोध्या दीपोत्सव ने राज्य की विविधता और वैभव को पूरी दुनिया के सामने पेश किया। यह हमारे पर्यटन क्षेत्र के लिए नए सहयोग और व्यवसायिक अवसरों के दरवाजे खोलने का एक सुनहरा अवसर है।

उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश को वैश्विक यात्रियों के लिए अनिवार्य गंतव्य के रूप में स्थापित किया जाए, ताकि वे यहां के असली भारतीय अनुभव का आनंद ले सकें।

कानपुर का परफ्यूम टूरिज्म इस प्रस्तुति का मुख्य आकर्षण रहा, जबकि ताजमहल और बौद्ध सर्किट जैसे धरोहर स्थल भी अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों का ध्यान खींचने में सफल रहे। स्टॉल पर आयोजित बी2बी बैठकों ने लंबी अवधि के सहयोग और व्यावसायिक अवसरों की नींव रखी, जिससे पेरिस में दिखाए गए वैभव का वास्तविक पर्यटन विकास में रूपांतरण संभव होगा।

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